1 सितम्बर से गाडी खरीदना होगा महँगा, बीमा के नाम पर अब निकलेगा कीमा।

देश में 1 सितंबर से कोई भी नया वाहन खरीदना महँगा हो जाएगा। जी हाँ, आपने सही सुना। परन्तु क्या गाड़ियों के दाम या उनपर लगने वाला टैक्स में कोई बदलाव हुआ है ? तो हम बता दे की ऐसा कुछ भी नहीं है। दरअसल ​IRDAI  यानि इंश्योरेंस रेग्युलेट्री एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Insurance Regulatory and Development Authority of India) की नयी गाईडलाइंस के अनुसार 1 सितम्बर से टू-व्हीलर्स के लिए 5 साल और फोर-व्हीलर के लिए 3 साल का इंश्योरेंस लेना अनिवार्य हो जायेगा।

ऐसे में नयी गाडी लेते समय जहां पहले प्रीमियम एक साल का होता था वह अब बढ़ कर तीन या पांच सालो का होगा अर्थात लॉन्ग टर्म प्रीमियम की वजह से नई गाड़ी की कीमत बढ़ जायेगी।

क्या है वजह?

कार और बाइक के बीमा की कीमत में यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद हो रहे है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पाया गया कि अदिकांश चालक (लगभग 50%) अपने वाहनो के प्रथम इंश्योरैंस की अवधि समाप्त होने के बाद उसे रिन्यू नहीं करवा रहे है। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को आदेश जारी करते हुए वाहन खरीदते समय ही खरीदारों को लम्बी अवधि के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस देना अनिवार्य कर दिया। जिसके बाद IRDAI ने सभी बीमा कंपनियों को एक नोटिफिकेशन जारी कर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर में बदलाव करने का आदेश दिया है। यह आदेश 1 सितंबर से सभी वाहन खरीदारों के लिए अनिवार्य होगा।

 

क्यों है जरुरी ?

भारत सरकार ने ‘रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया 2015’ के नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में रोज 1,374 सड़क दुर्घटनाएं होती है जिनमें लगभग प्रति दिन 400 लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में थर्ड पार्टी बीमा की अहमियत कितनी बढ़ जाती है यह जग-जाहिर है। सड़क दुर्घटनाओं की स्थति में गाड़ी का बीमा होने से मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम मिल पाने से कई आर्थिक समस्याओं में मदद मिलती है।

क्लिक करे व जानें गाड़ियों में मिलने वाले आधुनिक सेफ्टी फीचर्स के बारे में।

किस वाहन पर कितना महँगा होगा इंश्योरैंस?

1 सितम्बर 2018 से लागू इस नियम के बाद आपको हर साल बीमा रिन्यू करवाने से छुट्टी मिलेगी वही एक साथ आपकी जेब पर वजन भी बढ़ने वाला। है आपको बता दे इस नए नियम के मुताबिक हर मॉडल पर इंश्योरेंस प्रीमियम अलग-अलग हो सकता है। यह वाहन के प्रकार व इंजन क्षमता पर निर्भर करेगा।

टू-व्हीलर्स की बात की जाये तो करें तो 75 cc इंजन वाले टू-व्हीलर पर लगभग 1,045 रुपये इंश्योरेंस के रूप में आपको देने होंगे। वहीं 75 cc से 150 cc इंजन क्षमता वाले दो-पहिया वाहन पर 3,285 रुपये तक देने पड़ सकते है।इसके अलावा 150 cc से 350 cc इंजन वाले टू-व्हीलर्स पर 5453 रुपये देने होंगे जबकि 350 cc से ज्यादा क्षमता वाले टू-व्हीलर्स पर 13,034 रुपये देने होंगे।

वही कारों में 1000 cc से कम इंजन क्षमता वाली कारों पर 5286 रुपये का प्रीमियम आपको अदा करना होगा जबकि 1000 cc से अधिक व 1500 cc से कम इंजन क्षमता वाली कारों पर 9,534 रुपये का प्रीमियम भुगतान करना होगा। तथा 1500 cc से अधिक क्षमता वाली कारों हेतु 24,305 रुपये आपको भरने पड़ सकते है।

यह भी पढ़े :-

जल्द ही इन नंबर प्लेट्स पर नहीं लगेगा टोल टैक्स।

Leave a Reply